Welcome to the world of sugar free joy!
Low Carb Sugar-Free Sweets & Cakes
Artinci was born out of Aarti's and Sumit's (Artinci's founders) abiding love for great-tasting dessert, while helping them stay committed to their health goals as well. As a result, Artinci makes delicious desserts with zero sugar, that are science and evidence-backed.
Aarti and Sumit come from a family of three generations of diabetics. They were themselves diagnosed pre-diabetic in 2012, and right there began a lifelong quest of a healthy, active lifestyle, including healthy swaps in food
Sugar free Sweets & Cakes
Aarti Laxman (Founder)
Artinci is founded by Aarti Laxman, a certified Metabolic coach in the Low-Carb Nutrition & Metabolic Health domain from dLife.in, India’s only legally tenable course in this subject—recognized by the NSDC (under the Ministry of Skill Development & Entrepreneurship, Govt. of India). It’s also internationally accredited by the CPD Standards Office UK, with a global record of 144 CPD hours—the highest for any course of its kind. The accreditation is both nationally valid and globally recognised in over 50+ countries..
Festive Gifting in Artinci
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All about Sugar and sugar-free
गुड़ (GI 84) और खजूर (GI 42-55) को 'नेचुरल' मानकर डायबिटिक्स अक्सर ओवरईट करते हैं, लेकिन ये शुगर ही हैं – फाइबर/मिनरल्स थोड़े हैं, स्पाइक रिस्क हाई। स्टडीज़ दिखाती हैं कि बिना सावधानी के HbA1c बढ़ सकता है। यहाँ 5 मुख्य precautions हैं। 1. अपना Glycemic Index (GI) चेक करें खजूर का GI वैरायटी पर 35-74 (Rutab लो, Khalal हाई); गुड़ 70-90 – सफेद चीनी जितना। हमेशा लो-GI डेट्स (Medjool) चुनें। पोस्टप्रैंडियल स्पाइक टेस्ट करें। 2. पोर्शन साइज़ स्ट्रिक्ट रखें 1-2 खजूर (15g) या 5g गुड़ रोज़ max। ज़्यादा से ग्लूकोज स्पाइक (जैसे गुड़ से इंसुलिन डिमांड ↑)। नट्स/दही के साथ मिलाकर खाएँ – अब्सॉर्प्शन धीमा। 3. ब्लड शुगर मॉनिटर ज़रूर करें खाने के 1-2 घंटे बाद ग्लूकोमीटर चेक। अगर >140 mg/dL, अगली बार स्किप। T2DM में खजूर से स्टेबल रिस्पॉन्स दिखा, लेकिन इंडिविजुअल वैरिएशन। 4. सही टाइमिंग चुनें सुबह/नाश्ते में, कभी खाली पेट न। फेस्टिवल्स (ईद/रमज़ान) में लिमिट। वर्कआउट के बाद बेहतर – इंसुलिन सेंसिटिविटी ↑। 5. डॉक्टर/डायटीशियन से कंसल्ट करें HbA1c >7 या दवाएँ ले रहे तो अवॉइड। आयुर्वेदिक गुड़ क्लेम्स (बेहतर डाइजेशन) साइंस से मैच नहीं – स्पाइक रिस्क प्रायोरिटी। अल्टरनेटिव: Stevia/Monk Fruit। अंत में: ये सावधानियाँ फॉलो करें तो मॉडरेशन में फायदेमंद, वरना रिस्की। साइंस पहले, ट्रेडिशन बाद में। https://www.artinci.com/blogs/news/natural-sugar-hai-toh-safe-hai-jaggery-dates-coconut-sugar-myths-diabetics-must-stop-believing https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/36702045/ https://www.1mg.com/ayurveda/jaggery-202 https://www.healthline.com/nutrition/dates-for-diabetes https://magnascientiapub.com/journals/msarr/content/health-halo-jaggery-benefits-beyond-sugar-high-glycemic-index-risk
खजूर: डायबिटीज के मित्र या दुश्मन?
डायबिटीज रोगियों के बीच खजूर को लेकर भ्रम आम है – कुछ कहते हैं ये शुगर बम हैं, तो कुछ प्राकृतिक सुपरफूड। लेकिन क्लिनिकल ट्रायल्स कुछ और बताते हैं। UAE यूनिवर्सिटी की स्टडी (2011) में 5 खजूर वैरायटीज़ का GI चेक किया गया: Fard (46), Lulu (44), Bo ma'an (52), Dabbas (50), Khalas (53) – सभी लो GI, और टाइप-2 डायबिटिक्स में 50g कार्ब्स से पोस्टप्रैंडियल ग्लूकोज में कोई बड़ा उछाल नहीं। 2023 की नरेटिव रिव्यू (PubMed) ने 2009-2022 की 20+ स्टडीज़ एनालाइज़ कीं: खजूर का GI 42.8-74.6, GL 8.5-24। Rutab स्टेज पर GI 47, Tamer पर 35-45। T2DM पेशेंट्स में खजूर खाने से HbA1c, लिपिड्स बेहतर हुए, कोई हाइपरग्लाइसीमिया नहीं। स्टडीज़ से सबूत: स्पाइक क्यों नहीं होता? लो GI मैकेनिज़म: फाइबर (6-7g/100g) और पॉलीफेनॉल्स ग्लूकोज अब्सॉर्प्शन धीमा करते हैं। Healthline रिपोर्ट: डायबिटिक्स 2-3 खजूर रोज़ खा सकते हैं बिना स्पाइक के। ट्रायल रिज़ल्ट्स: 13 हेल्दी सब्जेक्ट्स पर Khalas/Barhi डेट्स टेस्ट – Khalal GI 60-71 (हाई), Tamer 53 (लो); Rutab में हाई GL लेकिन ओवरऑल कंट्रोल्ड रिस्पॉन्स। T2DM स्पेसिफिक: कोविड-एरा स्टडीज़ में रोज़ खजूर से ब्लड ग्लूकोज स्टेबल रहा, वेट/लिपिड्स में सुधार। लिमिटेशन: छोटे सैंपल्स, शॉर्ट टर्म – लॉन्ग-टर्म RCTs ज़रूरी। सुरक्षित पोर्शन और भारतीय टिप्स डायबिटिक्स के लिए 1-3 खजूर (15-20g) रोज़ सेफ: सुबह नाश्ते में दही/नट्स के साथ। भारतीय फेस्टिवल्स (रमज़ान/ईद) में ओवरईटिंग से बचें। डॉक्टर से कंसल्ट करें अगर HbA1c >7। अल्टरनेटिव: ड्राई डेट्स (लो GI) चुनें। निष्कर्ष: खजूर ब्लड शुगर स्टेबलाइज़ करते हैं अगर मॉडरेशन में – मिथक भूलें, साइंस फॉलो करें। https://www.healthline.com/nutrition/dates-for-diabetes https://www.cureus.com/articles/189730-influence-of-date-ripeness-on-glycemic-index-glycemic-load-and-glycemic-response-in-various-saudi-arabian-date-varieties https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC3112406/ https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S1871402123000012
मिलेट्स के सबसे अच्छे प्रकार कौन से हैं डायबिटीज के लिए
डायबिटीज के प्रबंधन के लिए मिलेट्स उत्कृष्ट विकल्प हैं क्योंकि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, जो ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाता है। बाजरा, बरनयार्ड मिलेट और कोडो मिलेट सबसे अच्छे माने जाते हैं। कम GI वाले मिलेट्स बाजरा (Pearl Millet): GI 55 (लो), फाइबर से भरपूर, इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता है। बरनयार्ड मिलेट (Varagu): GI 68 (मीडियम), उच्च फाइबर ब्लड शुगर बैलेंस करता है। कोडो मिलेट (Kodo): पॉलीफेनॉल्स से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम, वजन नियंत्रण में सहायक। अन्य अच्छे विकल्प फॉक्सटेल मिलेट (Kangni): GI कम, टाइप 2 डायबिटीज में ब्लड शुगर नियंत्रित रखता है। लिटिल मिलेट: आसानी से पचता है, दैनिक उपयोग के लिए आदर्श। रागी (Finger Millet): कैल्शियम स्रोत, लेकिन GI अधिक (104) होने से सीमित मात्रा में लें।-08766 https://svasthyaa.com/blogs/news/which-millets-are-best-for-diabetes-in-india https://www.fitterfly.com/blog/millets-for-diabetes-in-hindi/https://www.healthshots.com/hindi/healthy-eating/every-diabetic-should-add-these-4-types-of-millet-in-their-diet/
ग्लूटेन-फ्री डाइट डायबिटीज के लिए क्यों जरूरी: मिलेट्स से शुरू करें
ग्लूटेन-फ्री डाइट डायबिटीज प्रबंधन में सहायक साबित हो रही है, खासकर जब मिलेट्स जैसे प्राकृतिक विकल्पों से शुरू की जाए। यह आहार पाचन सुधारता है और ब्लड शुगर स्थिर रखता है। मिलेट्स कम GI वाले होने से आदर्श हैं। ग्लूटेन और डायबिटीज का संबंध ग्लूटेन आंतों में सूजन पैदा कर सकता है, जो इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ाता है। डायबिटीज रोगियों में ग्लूटेन संवेदनशीलता आम है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल मुश्किल होता है।ग्लूटेन हटाने से पाचन बेहतर होता है और ऊर्जा स्तर बढ़ता है।सीलिएक रोग वाले डायबिटीज मरीजों के लिए यह अनिवार्य है। मिलेट्स के प्रमुख फायदे मिलेट्स (ज्वार, बाजरा, रागी) पूरी तरह ग्लूटेन-मुक्त होते हैं और फाइबर से भरपूर। ये ब्लड शुगर स्पाइक्स रोकते हैं।कूटू जैसे मिलेट्स इंसुलिन संवेदनशीलता सुधारते हैं तथा वजन नियंत्रण में मदद करते हैं।प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स से हृदय स्वास्थ्य मजबूत होता है। शुरू करने के आसान टिप्स नाश्ते में रागी का डोसा या ज्वार की खिचड़ी बनाएं। रोटी के बजाय बाजरा रोटी या मिलेट्स पुलाव अपनाएं। कूटू के आटे से ग्लूटेन-फ्री पराठे ट्राई करें, कम तेल में। सावधानियां ग्लूटेन-फ्री प्रोसेस्ड फूड्स से बचें, क्योंकि वे हाई कार्ब हो सकते हैं। डॉक्टर से सलाह लें। प्राकृतिक मिलेट्स चुनें। https://www.beatoapp.com/hindi-blog/health-benefits-of-buckwheat-kuttu-in-hindi/ https://translate.google.com/translate?u=https%3A%2F%2Fdiatribe.org%2Fdiet-and-nutrition%2Fshould-people-diabetes-go-gluten-free&hl=hi&sl=en&tl=hi&client=srp https://www.healthshots.com/hindi/healthy-eating/health-benefits-and-side-effects-of-gluten-free-diet/ https://www.healthshots.com/hindi/healthy-eating/health-benefits-and-side-effects-of-gluten-free-diet/





