जीडीएम गर्भावस्था में प्लेसेंटल ग्लूकोज परिवहन कैसे अलग होता है?

Feb 5, 2026

गर्भावस्था में गेस्टेशनल डायबिटीज मेलिटस (जीडीएम) होने पर प्लेसेंटा का ग्लूकोज ट्रांसपोर्ट सामान्य से भिन्न हो जाता है, जिससे मां के हाई ब्लड शुगर का असर भ्रूण पर पड़ता है. यह GLUT1 ट्रांसपोर्टरों की अधिकता और मातृ-भ्रूण ग्लूकोज ग्रेडिएंट से जुड़ा है, जो भ्रूणीय हाइपरग्लाइसीमिया का कारण बनता है.

सामान्य गर्भावस्था में ग्लूकोज ट्रांसपोर्ट

प्लेसेंटा ग्लूकोज को GLUT1 प्रोटीन के जरिए सुगम प्रसार (facilitated diffusion) से मां से भ्रूण तक ले जाता है। मातृ ग्लूकोज लेवल ज्यादा होने पर ट्रांसफर बढ़ता है, लेकिन भ्रूण का ग्लूकोज हमेशा मां से 20-30% कम रहता है। गर्भावस्था बढ़ने पर ट्रांसपोर्ट कैपेसिटी 8 गुना बढ़ जाती है, मुख्यतः ट्रॉफोब्लास्ट मेम्ब्रेन एरिया बढ़ने से. यह प्रक्रिया फ्लो-लिमिटेड होती है, यानी मां के ग्लूकोज उपलब्धता पर निर्भर.

जीडीएम में अंतर: हाइपरग्लाइसीमिया का प्रभाव

जीडीएम में मां का हाई ग्लूकोज (हाइपरग्लाइसीमिया) प्लेसेंटा के GLUT1 ट्रांसपोर्टरों को ओवरएक्टिव कर देता है, जो बिना किसी बाधा के भ्रूण तक ग्लूकोज पहुंचाते हैं। ग्रेडिएंट बढ़ जाता है क्योंकि मां का शुगर 100 mg/dL से ऊपर चला जाता है, जबकि सामान्य में यह सीमित रहता है. ट्रांसप्लेसेंटल फ्लक्स सीधे मातृ लेवल से जुड़ा होता है, भले ही 20 mmol/L से ज्यादा हो—सैचुरेशन कम ही होता है.

जीडीएम के खतरे और तंत्र

जीडीएम में यह अतिरिक्त ग्लूकोज भ्रूण में हाइपरइंसुलिनेमिया पैदा करता है, जिससे मैक्रोसोमिया (बड़ा बच्चा), शोल्डर डिस्टोशिया और बाद में बच्चे का मोटापा/डायबिटीज रिस्क बढ़ता है. प्लेसेंटा का बाइ-डायरेक्शनल ट्रांसपोर्ट (GLUT1 और GLUT3 से) असंतुलित हो जाता है, इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ाने वाले हार्मोन (जैसे प्लेसेंटल लैक्टोजन) के कारण. भारतीय महिलाओं में हाई-कार्ब डाइट से यह और गंभीर.

रोकथाम के उपाय भारतीय संदर्भ में

  • लो-जीआई फूड्स जैसे रागी, ज्वार अपनाएं—शुगर स्पाइक्स 30% कम ।

  • रोज 30 मिनट वॉक; भोजन के बाद ब्लड शुगर चेक करें।

  • 24-28 हफ्ते में OGTT स्क्रीनिंग जरूरी ।
    बेंगलुरु मॉम्स के लिए लोकल क्लिनिक्स में मॉनिटरिंग शुरू करें।

  1. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC1500912/
  2. https://translate.google.com/translate?u=https%3A%2F%2Fwww.sciencedirect.com%2Fscience%2Farticle%2Fpii%2FS0002916523025704&hl=hi&sl=en&tl=hi&client=srp
  3. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK545196/

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