Welcome to the world of sugar free joy!
Low Carb Sugar-Free Sweets & Cakes
Artinci was born out of Aarti's and Sumit's (Artinci's founders) abiding love for great-tasting dessert, while helping them stay committed to their health goals as well. As a result, Artinci makes delicious desserts with zero sugar, that are science and evidence-backed.
Aarti and Sumit come from a family of three generations of diabetics. They were themselves diagnosed pre-diabetic in 2012, and right there began a lifelong quest of a healthy, active lifestyle, including healthy swaps in food
Sugar free Sweets & Cakes
Sugar-Free Kaju Katli — 60% Premium Cashews, Stevia Sweetened | Artinci
Vanilla & Chocolate Marble Sugar-Free Cake — No Added Sugar, Keto, Gluten-Free (contains egg)
Aarti Laxman (Founder)
Artinci is founded by Aarti Laxman, a certified Metabolic coach in the Low-Carb Nutrition & Metabolic Health domain from dLife.in, India’s only legally tenable course in this subject—recognized by the NSDC (under the Ministry of Skill Development & Entrepreneurship, Govt. of India). It’s also internationally accredited by the CPD Standards Office UK, with a global record of 144 CPD hours—the highest for any course of its kind. The accreditation is both nationally valid and globally recognised in over 50+ countries..
Festive Gifting in Artinci
Let customers speak for us
All about Sugar and sugar-free
सभी अनाज खराब नहीं होते—समस्या ज़्यादातर रिफाइंड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड अनाज उत्पादों से होती है, जो फाइबर और पोषक तत्वों से कम होते हैं और ब्लड शुगर तेज़ी से बढ़ा सकते हैं। 1. मैदा (रिफाइंड गेहूं का आटा) मैदा से बने नान, कुलचा, बिस्किट, पेस्ट्री, समोसे और बर्गर बन्स फाइबर से वंचित होते हैं। ये जल्दी पचते हैं, जिससे भूख जल्दी लगती है और वजन व ब्लड शुगर नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।naturalgrocers बदलाव: गेहूं का चक्की-आटा, बाजरा या ज्वार का आटा चुनें। 2. सफेद ब्रेड और बेकरी प्रोडक्ट्स सफेद ब्रेड, रस्क, क्रीम बिस्किट और मैदा-आधारित सैंडविच ब्रेड में रिफाइंड कार्ब्स होते हैं। नाश्ते में इन्हें अकेले खाने से एनर्जी तेज़ी से ऊपर-नीचे हो सकती है।naturalgrocers बदलाव: मल्टीग्रेन, खमीर वाला या चक्की-आटे का ब्रेड चुनें और उसके साथ प्रोटीन जैसे अंडा, पनीर या दही लें। 3. इंस्टेंट नूडल्स और मैगी इंस्टेंट नूडल्स आमतौर पर मैदा से बनते हैं और इनमें नमक, फ्लेवर एन्हांसर तथा प्रिज़र्वेटिव ज़्यादा हो सकते हैं। ये तो तुरंत बनाने में आसान हैं, लेकिन पोषण में संतुलित भोजन नहीं होते।ndtv बदलाव: वेजिटेबल प्रोटीन के साथ दलिया, पोहा, ओट्स या मिलेट नूडल्स बेहतर हैं। 4. सफेद चावल का अधिक सेवन सफेद चावल स्वयं “खराब” नहीं है, लेकिन बड़ी मात्रा में, बिना सब्ज़ी-दाल-प्रोटीन के खाने पर ब्लड शुगर तेज़ी से बढ़ सकती है। रिफाइंड अनाज कार्बोहाइड्रेट अधिक देते हैं और फाइबर कम।naturalgrocers बदलाव: चावल की मात्रा घटाएं, सब्ज़ी, दाल, दही या प्रोटीन के साथ खाएं; ब्राउन राइस, हैंड-पाउंडेड राइस या मिलेट आज़माएं। 5. पैकेज्ड ब्रेकफास्ट सीरियल्स और कॉर्न फ्लेक्स कई “healthy” लिखे सीरियल्स, कॉर्न फ्लेक्स और चोको-सीरियल्स में चीनी अधिक होती है। ये अल्ट्रा-प्रोसेस्ड हो सकते हैं और नाश्ते में शुगर स्पाइक का कारण बन सकते हैं।ndtv बदलाव: प्लेन रोल्ड ओट्स, मूंग दाल चीला, इडली, दलिया या बेसन चीला चुनें। ध्यान रखने योग्य बात ग्लूटन एलर्जी, सीलिएक रोग या डॉक्टर की सलाह होने पर ही गेहूं/जौ जैसे ग्लूटन अनाज पूरी तरह हटाएं। “ग्लूटन-फ्री” का मतलब स्वास्थ्यवर्धक नहीं होता; कई पैकेज्ड ग्लूटन-फ्री उत्पादों में नमक, चीनी और फैट अधिक हो सकता है।ndtv अनाज को सब्ज़ी, दाल, दही, अंडा या प्रोटीन के साथ खाने से ब्लड शुगर बेहतर रहती है।
डायबिटीज में कौन सा अनाज सबसे अच्छा? ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए बेस्ट विकल्प
डायबिटीज में कोई एक “सबसे अच्छा” अनाज नहीं है—सबसे बेहतर विकल्प फाइबर और प्रोटीन से भरपूर साबुत अनाज हैं, खासकर जौ (barley), ओट्स, और बाजरा/ज्वार/कोदो-कुटकी जैसे मिलेट्स। ये रिफाइंड चावल या मैदे की तुलना में शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं। कौन सा अनाज चुनें? अनाज डायबिटीज के लिए क्यों अच्छा कैसे खाएं जौ (Barley) बीटा-ग्लूकन फाइबर से भरपूर; शुगर और इंसुलिन लेवल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। indiatv जौ की खिचड़ी, सूप या जौ का आटा मिलाकर रोटी ओट्स घुलनशील फाइबर और कम GI वाले साबुत ओट्स शुगर को धीरे बढ़ाते हैं। indiatv प्लेन रोल्ड ओट्स, ओट्स चिला, दलिया बाजरा, ज्वार, कोदो, कुटकी फाइबर अधिक और कई मिलेट्स का GI अपेक्षाकृत कम होता है। मिलेट खिचड़ी, भाकरी, उपमा ब्राउन राइस सफेद चावल से बेहतर, पर हिस्सा नियंत्रित रखें। lalpathlabs सब्जी और दाल के साथ छोटी कटोरी रागी पोषक तो है, लेकिन रागी रोटी/डोसा का GI काफी ऊँचा हो सकता है; अकेले न रखें। livehindustan दाल, सब्जी या दही के साथ सीमित मात्रा में सबसे अच्छा विकल्प अगर एक विकल्प चुनना हो, तो जौ को पहली पसंद माना जा सकता है, क्योंकि इसमें बीटा-ग्लूकन नाम का घुलनशील फाइबर होता है जो पाचन को धीमा करता है और ब्लड शुगर स्पाइक कम करने में मदद कर सकता है। इसके बाद साबुत ओट्स और मिलेट्स भी अच्छे विकल्प हैं। सही तरीका रोज एक ही अनाज न खाएं; जौ, ओट्स, बाजरा, ज्वार और कोदो-कुटकी को बारी-बारी शामिल करें।diatribe+1 मैदा, सफेद चावल और अत्यधिक प्रोसेस्ड अनाज से बचें।diabetes रोटी या चावल से पहले सब्जी और प्रोटीन खाएं; इससे ग्लूकोज धीरे बढ़ता है।jansatta पोर्शन नियंत्रित रखें—एक बार में 1–2 रोटी या आधी कटोरी पका अनाज पर्याप्त हो सकता है। अपनी दवा, गतिविधि और शुगर रिस्पॉन्स के अनुसार डाइट डॉक्टर या डायटीशियन से तय करें। निष्कर्ष डायबिटीज रोगी के लिए जौ, साबुत ओट्स और मिलेट्स सबसे उपयोगी अनाज हैं। महत्वपूर्ण बात सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि साबुत रूप, कम मात्रा, प्रोटीन-फाइबर के साथ खाना और नियमित शुगर मॉनिटरिंग है।
पपीता और त्वचा की चमक: स्किन के लिए पपीते के फायदे
पपीता सिर्फ पाचन के लिए नहीं, त्वचा की सेहत के लिए भी फायदेमंद फल है। इसमें विटामिन A, विटामिन C, लाइकोपीन और पेपेन जैसे एंजाइम होते हैं, जो त्वचा को पोषण देने, डेड स्किन हटाने और एजिंग के प्रभाव कम करने में मदद कर सकते हैं। स्किन के लिए पपीते के फायदे कोलेजन सपोर्ट: पपीते में विटामिन C होता है, जो कोलेजन बनने में मदद करता है। कोलेजन त्वचा को फर्म, लचीली और जवां बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। एंटी-एजिंग मदद: इसमें मौजूद विटामिन A, विटामिन C और लाइकोपीन एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं, जो फ्री रेडिकल्स से होने वाली त्वचा क्षति को कम करने में सहायक हो सकते हैं। सन डैमेज से सुरक्षा: लाइकोपीन यूवी किरणों के हानिकारक प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है, हालांकि यह सनस्क्रीन का विकल्प नहीं है।verywellhealth डेड स्किन हटाने में मदद: पपीते का पेपेन एंजाइम डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद कर सकता है, जिससे त्वचा अपेक्षाकृत स्मूद और चमकदार दिख सकती है। रूखेपन और बेजान त्वचा में सुधार: पके पपीते को शहद के साथ मास्क के रूप में इस्तेमाल करने से रूखी और थकी हुई त्वचा को नमी व चमक देने में मदद मिल सकती है।ndtv पपीता कैसे इस्तेमाल करें? खाने के लिए: रोज़ाना एक कटोरी पका पपीता नाश्ते या स्नैक में लें। इसे दही, नींबू, चिया सीड्स या मेवों के साथ भी खा सकते हैं। फेस मास्क के लिए: 2 चम्मच पके पपीते के गूदे में 1 चम्मच शहद मिलाएं। साफ चेहरे पर 10 मिनट लगाकर हल्के पानी से धो लें। सावधानी: संवेदनशील त्वचा वाले लोग पहले कान के पीछे या हाथ पर पैच टेस्ट करें। अगर जलन, खुजली या लालिमा हो, तो इस्तेमाल बंद कर दें। जरूरी बात पपीता त्वचा को अंदर से पोषण दे सकता है, लेकिन चमकदार स्किन के लिए पानी, नींद, सनस्क्रीन, संतुलित आहार और नियमित स्किनकेयर भी उतने ही जरूरी हैं। पपीते को किसी एक उपाय की जगह स्वस्थ दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
वजन घटाने के लिए चिया सीड्स कैसे खाएं?
चिया सीड्स वजन घटाने में एक अच्छा सहायक हो सकते हैं, क्योंकि इनमें फाइबर और प्रोटीन अच्छी मात्रा में होते हैं। ये पेट लंबे समय तक भरा रखते हैं, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम होती है। सही मात्रा रोज़ाना 1 से 2 बड़े चम्मच (लगभग 15–30 ग्राम) चिया सीड्स पर्याप्त हैं। शुरुआत 1 चम्मच से करें, ताकि अचानक ज़्यादा फाइबर लेने से गैस, पेट फूलना या कब्ज न हो। खाने के आसान तरीके चिया वॉटर: 1 चम्मच चिया सीड्स को एक गिलास पानी में 20–30 मिनट भिगो दें। चाहें तो नींबू मिलाकर सुबह पी सकते हैं। चिया पुडिंग: 1–2 चम्मच चिया सीड्स को दूध या प्लांट मिल्क में रातभर भिगो दें। सुबह इसमें ताज़े फल डालकर खाएं। स्मूदी में: फ्रूट स्मूदी या दही-स्मूदी में 1 चम्मच भीगे हुए चिया डालें। दही या ओट्स के साथ: नाश्ते में दही, ओट्स, सलाद या चीले के बैटर में चिया मिलाकर लें। वजन घटाने में कैसे मदद करते हैं? चिया सीड्स पानी में भिगोने पर जेल जैसे हो जाते हैं और फूल जाते हैं। इससे पेट भरा महसूस होता है और कम कैलोरी में खाने की मात्रा नियंत्रित रहती है। फाइबर पाचन में भी मदद करता है। ज़रूरी सावधानियां चिया सीड्स को हमेशा पानी या दूध में भिगोकर खाएं, सूखे निगलने से बचें। पर्याप्त पानी पिएं, क्योंकि फाइबर के साथ पानी कम होने से कब्ज हो सकता है। इन्हें चीनी वाले शेक, मीठे जूस या ज़्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों में मिलाकर न खाएं।medicoverhospitals वजन घटाने के लिए केवल चिया सीड्स पर निर्भर न रहें; संतुलित आहार और रोज़ाना शारीरिक गतिविधि भी ज़रूरी है।medicoverhospitals निष्कर्ष चिया सीड्स को रोज़ 1–2 चम्मच, भिगोकर और संतुलित आहार के हिस्से के रूप में खाना सबसे अच्छा तरीका है। ये भूख कम करने और पाचन सुधारने में मदद कर सकते हैं, लेकिन अकेले इनसे वजन नहीं घटता।

