डायबिटीज में FOS vs साधारण फाइबर: ब्लड शुगर स्पाइक्स रोकने के भारतीय टिप्स

Jan 4, 2026

डायबिटीज में FOS साधारण फाइबर से ज्यादा टारगेटेड तरीके से ब्लड शुगर स्पाइक्स रोकता है, खासकर प्रीबायोटिक गुणों से।

FOS (Fructooligosaccharides) प्याज, लहसुन जैसे फूड्स में मिलने वाला प्रीबायोटिक फाइबर है, जो छोटी आंत में नहीं पचता और कोलन में अच्छे बैक्टीरिया को फीड करता है। साधारण फाइबर (जैसे भिंडी, बाजरा में) पाचन तेज करता है लेकिन FOS जितना ग्लूकोज अवशोषण नहीं धीमा करता। टाइप-2 डायबिटीज में 77 मिलियन भारतीय प्रभावित हैं, जहां पोस्ट-मील स्पाइक्स HbA1c बढ़ाते हैं।

FOS vs साधारण फाइबर: मुख्य अंतर

विशेषता FOS (प्रीबायोटिक) साधारण फाइबर (अघुलनशील/कुल)
काम SCFA बनाकर इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारता, सूजन कम पाचन तेज, भूख कंट्रोल
स्पाइक्स प्रभाव 8g/14 दिन में सीरम ग्लूकोज कम (टाइप-2 स्टडी)  धीमा अवशोषण लेकिन कम टारगेटेड 
डोज 5-10g/दिन (धीरे शुरू)  25-30g कुल फाइबर/दिन 
भारतीय स्रोत प्याज, लहसुन, केला, इसबगोल पाउडर बाजरा रोटी, भिंडी, दालें 


स्टडीज: 8g FOS ने टाइप-2 में ग्लूकोज कम किया; 10-20g सॉल्युबल फाइबर ने FBG, इंसुलिन रेसिस्टेंस सुधारा। रैट स्टडी में FOS ने लेप्टिन/TNF-α कम कर इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाई।

डोज और सावधानियां

  • शुरूआत: 5g/दिन, 2-3 लीटर पानी पिएं (ब्लोटिंग से बचें)।

  • लक्ष्य: 8-10g FOS टाइप-2 कंट्रोल के लिए; डॉक्टर से चेक अगर मेटफॉर्मिन पर।

  • ज्यादा (>15g) कुछ में ग्लूकोज प्रभावित कर सकता है।

भारतीय मील इंटीग्रेशन टिप्स

  • नाश्ता: ओट्स + केला (FOS) + मेथी पानी – स्पाइक्स 20% कम।

  • लंच: दाल + प्याज-लहसुन तड़का + बाजरा रोटी – 10g फाइबर।

  • स्नैक: भुना चना + इसबगोल शेक (5g FOS)।

  • डिनर: भिंडी सब्जी + मूंग दाल – कुल 8g। ग्लूकोमीटर से ट्रैक करें।

FOS को साधारण फाइबर से कॉम्बो में लें – भारतीय थाली से स्पाइक्स कंट्रोल करें, हेल्थ बूस्ट करें!

  1. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC4950069/
  2. https://www.tatanq.com/fos-improves-glycaemic-control-and-betters-type-2-diabetes-control/
  3. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/22460261/

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