दही के अलावा कौन से प्रोबायोटिक फूड्स खा सकते हैं?
प्रोबायोटिक्स ऐसे लाभकारी जीवित सूक्ष्मजीव होते हैं जो आंतों के स्वास्थ्य और पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। दही के अलावा भी कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फर्मेंटेड फूड्स प्रोबायोटिक्स के अच्छे स्रोत हैं।medanta+1
1. छाछ
छाछ दही से तैयार होने वाला हल्का और हाइड्रेटिंग पेय है। इसमें नमक, भुना जीरा और पुदीना मिलाकर इसे गर्मियों में लिया जा सकता है। बाजार की मीठी फ्लेवर्ड छाछ के बजाय सादी छाछ चुनें।
2. कांजी
कांजी एक पारंपरिक उत्तर भारतीय फर्मेंटेड ड्रिंक है, जिसे काली गाजर, चुकंदर, पानी और सरसों के बीज से बनाया जाता है। इसे कुछ दिनों तक फर्मेंट करने के बाद पिया जाता है।medanta
3. इडली और डोसा
इडली और डोसे का बैटर चावल और उड़द दाल को भिगोकर फर्मेंट करने से तैयार होता है। फर्मेंटेशन से बैटर में लाभकारी सूक्ष्मजीव विकसित हो सकते हैं। इन्हें संतुलित भोजन बनाने के लिए सांभर और सब्जियों के साथ खाएं।
4. प्राकृतिक अचार
बिना सिरके और रासायनिक प्रिजर्वेटिव के नमक से फर्मेंट किया गया घर का बना अचार प्रोबायोटिक फूड हो सकता है। हालांकि, अचार में नमक अधिक होता है, इसलिए इसे कम मात्रा में खाना बेहतर है।healthians
5. केफिर
केफिर एक फर्मेंटेड मिल्क ड्रिंक है, जिसमें बैक्टीरिया और यीस्ट की विभिन्न संस्कृतियां हो सकती हैं। यह दही से अलग स्वाद और बनावट वाला विकल्प है। लैक्टोज असहिष्णुता या डेयरी एलर्जी वाले लोग इसे लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
6. कांजी जैसी फर्मेंटेड सब्जियां
किमची और सॉअरक्रॉट जैसी फर्मेंटेड सब्जियां गोभी, मूली और अन्य सब्जियों से बनाई जाती हैं। इनमें प्रोबायोटिक बैक्टीरिया हो सकते हैं, लेकिन पाश्चुरीकृत उत्पादों में जीवित बैक्टीरिया कम या नष्ट हो सकते हैं।apollohospitals
7. कोम्बुचा
कोम्बुचा फर्मेंटेड चाय से बना पेय है। इसमें चीनी की मात्रा ब्रांड के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, इसलिए खरीदते समय लेबल जरूर पढ़ें। डायबिटीज या ब्लड शुगर की चिंता वाले लोगों को कम-चीनी विकल्प चुनना चाहिए।
इन्हें खाते समय ध्यान रखें
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“Live cultures” या “जीवित कल्चर” वाला उत्पाद चुनें।
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फर्मेंटेड फूड को बहुत ज्यादा गर्म करने से उसमें मौजूद जीवित सूक्ष्मजीव कम हो सकते हैं।
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अचार और किमची जैसे खाद्य पदार्थ कम मात्रा में लें, क्योंकि इनमें नमक अधिक हो सकता है।
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शुरुआत में थोड़ी मात्रा लें, खासकर यदि आपका पाचन तंत्र संवेदनशील है।
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गंभीर बीमारी या कमजोर इम्युनिटी की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लें।
दही के अलावा छाछ, कांजी, इडली, डोसा, प्राकृतिक अचार, केफिर और कोम्बुचा जैसे विकल्प आहार में शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि, प्रोबायोटिक फूड्स के साथ फाइबर युक्त भोजन—जैसे दालें, सब्जियां, फल और साबुत अनाज—लेना भी जरूरी है, क्योंकि फाइबर आंतों के लाभकारी बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करता है।