प्रोबायोटिक और प्रीबायोटिक में क्या अंतर है?
हमारी आंत में करोड़ों सूक्ष्मजीव रहते हैं, जो पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रोबायोटिक्स जीवित लाभकारी सूक्ष्मजीव होते हैं, जबकि प्रीबायोटिक्स ऐसे फाइबर होते हैं जो इन अच्छे बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करते हैं।
प्रोबायोटिक क्या है?
प्रोबायोटिक्स जीवित बैक्टीरिया या यीस्ट होते हैं, जिनका पर्याप्त मात्रा में सेवन करने पर स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है। ये आंत में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं।
प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ
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दही और छाछ।
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इडली और ढोकला जैसे फर्मेंटेड खाद्य पदार्थ।
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कांजी और अन्य प्राकृतिक रूप से फर्मेंटेड पेय।
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कुछ विशेष प्रोबायोटिक सप्लीमेंट।
प्रीबायोटिक क्या है?
प्रीबायोटिक्स ऐसे न पचने वाले फाइबर और पौधों से मिलने वाले यौगिक होते हैं, जिन्हें आंत के लाभकारी बैक्टीरिया इस्तेमाल करते हैं। सरल शब्दों में, प्रीबायोटिक्स अच्छे बैक्टीरिया का भोजन हैं।mdanderson
प्रीबायोटिक खाद्य पदार्थ
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प्याज और लहसुन।
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केला, विशेषकर थोड़ा कच्चा केला।
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जई और साबुत अनाज।
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दालें और चना।
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फल, सब्जियां और मेवे।
मुख्य अंतर
दोनों को आहार में कैसे शामिल करें?
संतुलित आंत स्वास्थ्य के लिए दोनों का सेवन किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, दोपहर के भोजन में दाल और सब्जियों के साथ दही लें। इससे आपको प्रीबायोटिक फाइबर और प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ दोनों मिल सकते हैं।
फाइबर का सेवन अचानक बहुत अधिक बढ़ाने से गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसलिए प्रीबायोटिक खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे बढ़ाएं और पर्याप्त पानी पिएं। सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
निष्कर्ष
प्रोबायोटिक्स आंत के लिए लाभकारी सूक्ष्मजीव हैं, जबकि प्रीबायोटिक्स उन्हें बढ़ने और सक्रिय रहने में मदद करने वाला फाइबर है। दही, छाछ, दालें, साबुत अनाज, फल और सब्जियों से भरपूर संतुलित आहार आंत के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है।