गर्भावस्था में डायबिटीज़ क्यों होती है?
गर्भकालीन मधुमेह (Gestational Diabetes) गर्भावस्था के दौरान विकसित होने वाला उच्च रक्त शर्करा है। यह अक्सर दूसरी या तीसरी तिमाही में पहचाना जाता है और समय पर नियंत्रण से स्वस्थ गर्भावस्था संभव है।
मुख्य कारण
गर्भावस्था में प्लेसेंटा कुछ हार्मोन बनाता है जो बच्चे को पोषण देने और गर्भावस्था बनाए रखने में मदद करते हैं। लेकिन ये हार्मोन माँ के इंसुलिन के काम को कुछ हद तक रोक देते हैं; इसे इंसुलिन प्रतिरोध कहते हैं।
सामान्यतः अग्न्याशय अतिरिक्त इंसुलिन बनाकर इसे संतुलित कर लेता है। लेकिन जब शरीर आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता, तो रक्त में ग्लूकोज़ बढ़ जाता है और गर्भकालीन मधुमेह हो सकता है।
जोखिम बढ़ाने वाले कारक
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गर्भावस्था से पहले अधिक वजन या मोटापा होना।
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परिवार में मधुमेह का इतिहास, विशेषकर माता-पिता या भाई-बहन में।
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पिछली गर्भावस्था में गर्भकालीन मधुमेह होना।
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PCOS या प्रीडायबिटीज़ होना।
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कम शारीरिक गतिविधि और 25 वर्ष से अधिक आयु।
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दक्षिण एशियाई पृष्ठभूमि, जिसमें भारतीय महिलाएँ भी शामिल हैं।
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पहले 4.5 किलोग्राम से अधिक वजन का बच्चा जन्म देना।carehospitals
ध्यान रखने योग्य बातें
गर्भकालीन मधुमेह का मतलब यह नहीं कि आपने कुछ गलत किया। यह हार्मोनल बदलावों, आनुवंशिकता और शरीर की इंसुलिन प्रतिक्रिया का परिणाम हो सकता है।
नियमित जाँच, संतुलित भोजन, फाइबर और प्रोटीन युक्त भोजन, हल्की व्यायाम जैसी सैर, तथा डॉक्टर की सलाह से ब्लड शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है।