चाय और बिस्किट का सच: कैसे रोजाना कैसे स्पाइक हो रहा है?
क्या आप भी हर दिन चाय के साथ 2-3 बिस्किट खाते हैं? यह लगता है एक हार्मलेस डेली रूटीन है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स अब इसे इंसुलिन रेजिस्टेंस और ब्लड शुगर स्पाइक से जोड़ रहे हैं.
क्या हुआ चाय-बिस्किट कॉम्बिनेशन में?
शुगर स्पाइक टाइमलाइन
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0-15 मिनट: कोई असर नहीं
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60-90 मिनट: ग्लूकोस क्रैश होता है, फैटिय और शुगर क्रैविंग महसूस होती है
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2-3 घंटा: स्टेबिलाइजेशन होता है
डॉ. घोदी के अनुसार: "रिफाइंड फ्लोर तेजी से डिजस्ट होता है, जो ब्लड शुगर में तेजी स्पाइक का कारण है. शुगर ऊपर जोड़ दिया जाए, तो स्पाइक और तेज होती है".
5 डायबेटिक-सेफ चाय ऑल्टरनेटिव्स (इंडियन एडिशन)
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✅ रोस्टेड चने (फाइबर + प्रोटीन)
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✅ पिस्ता या वॉल नट्स (हेल्दी फैट)
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✅ मखाना (लो कार्ब)
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✅ मल्टीग्रेन टोस्ट + पिस्टा बटर
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✅ बोइल्ड एग (प्रोटीन)
ये स्नैक्स ब्लड शुगर को स्टेबल रखते हैं और इंसुलिन स्पाइक नहीं करते.
फाइनल बात
सिर्फ 2 बिस्किट भी इंसुलिन सर्ज का कारण हो सकते हैं. अगर आप डायबेटिक हैं या डायबेटिस का रिस्क है, तो चाय-बिस्किट हैबिट को रोस्टेड चने, पिस्ता या मखाना से रिप्लेस करें.
चाय पीएँ, लेकिन बिस्किट नहीं!
- https://indianexpress.com/article/lifestyle/health/chai-time-warning-why-your-rusk-or-biscuit-could-be-silently-spiking-blood-sugar-level-10655781/
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https://thesouthindiatimes.com/health/health-experts-warn-against-tea-and-biscuits-habit-linked-to-insulin-resistance/