मधुमेह रोगियों के लिए मिठाई दुकानों में शुगर-फ्री मिठाइयाँ: सुरक्षित विकल्प और टिप्स
डायबिटीज वाले लोग भी त्योहारों और विशेष अवसरों पर मिठाइयों का आनंद ले सकते हैं, बशर्ते वे मिठाई दुकानों में उपलब्ध शुगर-फ्री या कम शुगर वाली मिठाइयों का चयन करें। भारत में मिठाई उद्योग ने डायबिटीज के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुक्रालोज़, स्टीविया जैसी मिठास बढ़ाने वाली चीजों से बनी कम मिठी मिठाइयाँ पेश की हैं, जैसे चना-बेस्ड संदेश।
मिठाई दुकानों में उपलब्ध विकल्प
भारतीय मिठाई दुकानों ने अब शुगर-फ्री सेक्शन शुरू कर दिया है, जहाँ चहना या खोया बेस्ड मिठाइयाँ सुक्रालोज़ से बनाई जाती हैं। उदाहरण: कम मिठी संदेश, डाइट रसगुल्ला, पिस्ता बर्फी (100g में 10-15g कार्ब्स, GI<55)। ये सामान्य मिठाइयों से 70% कम शुगर प्रभाव डालती हैं।
कैसे चुनें सुरक्षित मिठाई
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लेबल पढ़ें: 'शुगर फ्री' या 'डायबिटिक फ्रेंडली' चेक करें, सुक्रालोज़ या स्टीविया हो।
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पोर्शन: 30-50g तक सीमित रखें, प्रोटीन/फाइबर वाले भोजन के साथ खाएं।
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घर लाकर चेक: ब्लड ग्लूकोमीटर से 2 घंटे बाद शुगर मॉनिटर करें।
टॉप 5 डायबिटीज-फ्रेंडली मिठाइयाँ
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शुगर-फ्री रसगुल्ला: स्पंजी, कम कैलोरी (80kcal/पीस)।
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स्टीविया संदेश: बंगाली स्टाइल, GI न्यूट्रल।
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बादाम बर्फी (डाइट): नट्स से भरपूर, इंसुलिन स्पाइक कम।
- https://www.medicalnewstoday.com/articles/323080
- https://www.healthline.com/health/type-2-diabetes/dessert
- https://kathmandupost.com/columns/2024/01/20/living-with-diabetes
- https://thediplomat.com/2024/01/how-indias-sweets-industry-has-adapted-to-diabetes/
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मोहन भोगा लो शुगर: फ्रूट बेस्ड।
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केसर पेड़ा शुगर फ्री: त्योहारों के लिए परफेक्ट।
इनका सेवन साप्ताहिक 1-2 बार करें, वॉक के साथ मिलाकर। डॉक्टर से सलाह लें।