व्हाइट शुगर vs ब्राउन शुगर vs गुड़: डायबिटीज के मरीजों के लिए कौन सा बेहतर?
परिचय: मीठे का सच – डायबिटीज में कौन सा 'सुरक्षित'?
डायबिटीज मरीज अक्सर सोचते हैं कि ब्राउन शुगर या गुड़ सफेद चीनी से बेहतर है। लेकिन विज्ञान कहता है – तीनों सुक्रोज़ से बने हैं और ब्लड शुगर पर समान असर डालते हैं। सफेद चीनी 99% सुक्रोज़, ब्राउन में 3-7% मोलासेस, गुड़ गन्ने का कम प्रोसेस्ड रूप। मुख्य फर्क: प्रोसेसिंग और मिनरल्स। डायबिटीज में मात्रा और GI मायने रखता है।
तीनों की तुलना: GI, न्यूट्रिशन और असर
ब्राउन शुगर सफेद चीनी + गुड़ है, इसलिए पोषण में मामूली फर्क। गुड़ आयुर्वेदिक लाभ देता है, लेकिन ज्यादा लेने से स्पाइक।
डायबिटीज मरीजों के लिए प्रैक्टिकल टिप्स
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मात्रा: सभी में 1 चम्मच (5g) से ज्यादा न लें। रोज 25g कुल शुगर लिमिट।
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विकल्प: स्टेविया (GI 0), मॉन्क फ्रूट। फल (सेब GI 39) से मीठा लें।
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भारतीय उपयोग: चाय में गुड़ 1/2 चम्मच, लेकिन दालचीनी मिलाएं। मिठाई में नट्स-खजूर लड्डू।
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टेस्ट करें: ग्लूकोमीटर से 2 घंटे बाद चेक करें। व्यायाम के बाद लें।
मिथक तोड़ें: क्या गुड़ 'हेल्दी शुगर' है?
गुड़ में मिनरल्स हैं, लेकिन डायबिटीज में GI 84 से स्पाइक होता है। ब्राउन को 'हेल्दी' मार्केटिंग बेचती है, लेकिन सफेद जैसा ही। असली सलाह: कम से कम चीनी, फाइबर-प्रोटीन के साथ लें।
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